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#🌙रात की शायरी✍ #😞बेवफा शायरी #✨उर्दू शायरी
🌙रात की शायरी✍ - तुमने जब चाहा गले से लगाया। तुमने जब चाहा इल्ज़ाम भी लगाया। जब चाहा 347 साथ में मुस्कुराया। जब चाहा तुमने पीठ भी दिखाया। sarika quotes Your uotein तुमने जब चाहा गले से लगाया। तुमने जब चाहा इल्ज़ाम भी लगाया। जब चाहा 347 साथ में मुस्कुराया। जब चाहा तुमने पीठ भी दिखाया। sarika quotes Your uotein - ShareChat