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जय सर्वजन समाज जय हिन्द जय भारत वंदेमातरम। #होलाष्टक
होलाष्टक - होलाष्टक २०२६ रहने सावधान ೆಕ के 8 दिन होली का पावन पर्व हिंदू धर्म के सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि होली से पहले आने वाले 8 दिन बेहद संवेदनशील माने जाते हैं? इन्हें ही होलाष्टक कहा जाता है। में होलाष्टक कब से? 2026 पंचांग के अनुसार , २०२६ में होलाष्टक २४ फरवरी, मंगलवार सुबह ७:०१ बजे से प्रारंभ होगा। उदयातिथि के आधार पर २४ फरवरी से मान्य रहेगा और इसका समापन 3 फाल्गुन पूर्णिमा के दिन होगा, जब होलिका दहन किया जाएगा। মাব ব্রী होलाष्टक क्या है? अपने पुत्र पौराणिक कथा के अनुसार, हिरण्यकश्यप ने प्रह्लाद को आठ दिनों तक कठोर यातनाएँ दीं, क्योंकि वह भगवान विष्णु के परम भक्त थे। अंत में होलिका अग्नि में भस्म हो गई और प्रह्लाद रहे। सुरक्षित इसी कारण ये 8 दिन संवेदनशील माने जाते हैं। होलाष्टक में क्या नहीं करना चाहिए? दिनों विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण जैसे शुभ कार्य नहीं  ক্িত जाते। इन नए कार्य शुरू करने से बचें और सावधानी रखें। Hf, संयम और साधना का है। यह समय जय श्री हरि 7669203962 होलाष्टक २०२६ रहने सावधान ೆಕ के 8 दिन होली का पावन पर्व हिंदू धर्म के सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि होली से पहले आने वाले 8 दिन बेहद संवेदनशील माने जाते हैं? इन्हें ही होलाष्टक कहा जाता है। में होलाष्टक कब से? 2026 पंचांग के अनुसार , २०२६ में होलाष्टक २४ फरवरी, मंगलवार सुबह ७:०१ बजे से प्रारंभ होगा। उदयातिथि के आधार पर २४ फरवरी से मान्य रहेगा और इसका समापन 3 फाल्गुन पूर्णिमा के दिन होगा, जब होलिका दहन किया जाएगा। মাব ব্রী होलाष्टक क्या है? अपने पुत्र पौराणिक कथा के अनुसार, हिरण्यकश्यप ने प्रह्लाद को आठ दिनों तक कठोर यातनाएँ दीं, क्योंकि वह भगवान विष्णु के परम भक्त थे। अंत में होलिका अग्नि में भस्म हो गई और प्रह्लाद रहे। सुरक्षित इसी कारण ये 8 दिन संवेदनशील माने जाते हैं। होलाष्टक में क्या नहीं करना चाहिए? दिनों विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण जैसे शुभ कार्य नहीं  ক্িত जाते। इन नए कार्य शुरू करने से बचें और सावधानी रखें। Hf, संयम और साधना का है। यह समय जय श्री हरि 7669203962 - ShareChat