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#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी
✍️ साहित्य एवं शायरी - दाग़ दाग़ मत कर सब दाग़ दार है, | बे दाग़ वही है जो परवर :IR 8,1 दाग़ दाग़ मत कर सब दाग़ दार है, | बे दाग़ वही है जो परवर :IR 8,1 - ShareChat