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#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी
✍️ साहित्य एवं शायरी - तुम तो चाहत का समन्दर हुआ करते थे । किससे सीखा है मोहब्बत में मिलावट करना , तुम तो चाहत का समन्दर हुआ करते थे । किससे सीखा है मोहब्बत में मिलावट करना , - ShareChat