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#om shanti brahmakumari
om shanti   brahmakumari - वरदानः हद की जिम्मेवारियों को बेहद में परिवर्तन करने वाले स्मृति स्वरूप नष्टोमोहा भव लिए सिर्फ अपने स्मृति स्वरूप ক্লী नष्टोमोहा बनने के परिवर्तन करो मोह तब आता है जब यह स्मृति रहती है गृहस्थी हैं, हमारा घर , हमारा सम्बन्ध है। अब इस हद हम जिम्मेवारी को बेहद की जिम्मेवारी में परिवर्तन कर दो। बेहद की जिम्मेवारी निभायेंगे तो हद की स्वतः पूरी हो जायेगी। लेकिन यदि बेहद की जिम्मेवारी को भूल सिर्फ हद की जिम्मेवारी निभाते हो तो उसे और ही बिगाड़ते हो क्योंकि वह फर्ज, मोह का मर्ज हो जाता है इसलिए अपने स्मृति स्वरूप को परिवर्तन कर नष्टोमोहा बनो स्लोगनः ऐसी तीव्र उड़ान भरो जो बातों रूपी बादल सेकण्ड স ব্ধাম हो जाएं । चलन और चेहरे को प्रसन्नता ही आपकी ঘুণ নিনাং:- रूहानी पर्सनाल्टी है। एकता और विश्वास की विशेषता द्वारा  ये अव्यक्त इशारे सफलता सम्पन्न बनो किसी भी कार्य की सफलता की दो श्रेष्ठ 6;1- भुजायें आपसी विश्वास और २- एकता | जहाँ संगठित रूप में सभी की एकमत है, आपस में एक दो के प्रति विश्वास है, वहाँ सफलता गले का हार है। संस्कार भिन्न- भिन्न हैं और रहेंगे भी ৯ নী বুসংা  लेकिन अगर कोई का संस्कार टकराने वाला ताली हर एक अपने को चेंज कर ले तो एकता कायम नहों बजावे रह सकती है। वरदानः हद की जिम्मेवारियों को बेहद में परिवर्तन करने वाले स्मृति स्वरूप नष्टोमोहा भव लिए सिर्फ अपने स्मृति स्वरूप ক্লী नष्टोमोहा बनने के परिवर्तन करो मोह तब आता है जब यह स्मृति रहती है गृहस्थी हैं, हमारा घर , हमारा सम्बन्ध है। अब इस हद हम जिम्मेवारी को बेहद की जिम्मेवारी में परिवर्तन कर दो। बेहद की जिम्मेवारी निभायेंगे तो हद की स्वतः पूरी हो जायेगी। लेकिन यदि बेहद की जिम्मेवारी को भूल सिर्फ हद की जिम्मेवारी निभाते हो तो उसे और ही बिगाड़ते हो क्योंकि वह फर्ज, मोह का मर्ज हो जाता है इसलिए अपने स्मृति स्वरूप को परिवर्तन कर नष्टोमोहा बनो स्लोगनः ऐसी तीव्र उड़ान भरो जो बातों रूपी बादल सेकण्ड স ব্ধাম हो जाएं । चलन और चेहरे को प्रसन्नता ही आपकी ঘুণ নিনাং:- रूहानी पर्सनाल्टी है। एकता और विश्वास की विशेषता द्वारा  ये अव्यक्त इशारे सफलता सम्पन्न बनो किसी भी कार्य की सफलता की दो श्रेष्ठ 6;1- भुजायें आपसी विश्वास और २- एकता | जहाँ संगठित रूप में सभी की एकमत है, आपस में एक दो के प्रति विश्वास है, वहाँ सफलता गले का हार है। संस्कार भिन्न- भिन्न हैं और रहेंगे भी ৯ নী বুসংা  लेकिन अगर कोई का संस्कार टकराने वाला ताली हर एक अपने को चेंज कर ले तो एकता कायम नहों बजावे रह सकती है। - ShareChat