ShareChat
click to see wallet page
search
#❤️अस्सलामु अलैकुम #🤲अल्लाह हु अक़बर #🤲 इबादत
❤️अस्सलामु अलैकुम - 05 اللوس सूरह कहफ़ पढनै की फ़ज़ीलत  నడడd नबी अकरम ८८ ने फ़रमायाः 0 Garwar Aatam Khan जो शख़्स ने सूरह कहफ़ की पहली १० आयात याद करे या पढ़े वो दज्जाल के फ़ितने से महफ़ूज़ रहेगा| (सहीह मुस्लिम ८०९)  ५जो शख़्स जुमा के दिन सूरह कहफ़ पढ़ता है तो उसके लिए दो की दरमियानी मुद्दत के लिए नूर चमकता रहता है।  )) जुमओं  (मिश्कात २१७५) रात के वक्त अपने घर में सूरह कहफ़ एक मर्तबा उसैद बिन हुज़ैर s भी पास ही बंधा हुआ की तिलावत कर रहे थे और उनका থা, घोडा ने उछलना कूदना शुरू कर दिया। उन्होंने आसमान की तरफ़ उठाकर देखा तो उन्हें एक नूर दिखाई दिया जो एक बादल के T था। सुबह उन्होंने ये वाक़िया किए हुए " टुकड़े की तरह उन पर साया " ने फ़रमाया "ये सकीनत थी से बयान किया तो आप आप जो उस की तिलावत की वजह से नाज़िल हुई थी। " (सहीह बुख़ारी 3614) 05 اللوس सूरह कहफ़ पढनै की फ़ज़ीलत  నడడd नबी अकरम ८८ ने फ़रमायाः 0 Garwar Aatam Khan जो शख़्स ने सूरह कहफ़ की पहली १० आयात याद करे या पढ़े वो दज्जाल के फ़ितने से महफ़ूज़ रहेगा| (सहीह मुस्लिम ८०९)  ५जो शख़्स जुमा के दिन सूरह कहफ़ पढ़ता है तो उसके लिए दो की दरमियानी मुद्दत के लिए नूर चमकता रहता है।  )) जुमओं  (मिश्कात २१७५) रात के वक्त अपने घर में सूरह कहफ़ एक मर्तबा उसैद बिन हुज़ैर s भी पास ही बंधा हुआ की तिलावत कर रहे थे और उनका থা, घोडा ने उछलना कूदना शुरू कर दिया। उन्होंने आसमान की तरफ़ उठाकर देखा तो उन्हें एक नूर दिखाई दिया जो एक बादल के T था। सुबह उन्होंने ये वाक़िया किए हुए " टुकड़े की तरह उन पर साया " ने फ़रमाया "ये सकीनत थी से बयान किया तो आप आप जो उस की तिलावत की वजह से नाज़िल हुई थी। " (सहीह बुख़ारी 3614) - ShareChat