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#जय महावीर #जैन तीर्थंकर भगवान #जैन धर्म की शिक्षाएं #जैन धर्म #🙏ज्ञान चर्चा या सुविचार और स्वास्थ्य चर्चा🙏
जय महावीर - परमेष्ठी स्तुति प्रातः उठकर शुद्ध भाव से, परमेष्ठी का ध्यान धरूं | देव, गुरु, जिनन्धर्म शरण से, भव सागर को पार करूं ।l १. वन्दू में प्रतिदिन अर्हम् को, श्री सिद्धं आचार्यवरम् | उपाध्याय सदज्ञान प्रदाता, मुनिवर महाउपकारकरम् I। २. ओम् अरिहन्त देव अघ हरणम्  सिद्ध निरंजन सुखकरणम् | श्री आचार्य भवोदधिन्तरणम , मुनिवर शरणम् Il उपाध्याय ३. मस्तक पर अरिहन्त विराजित, में सिद्ध रहे। भृकुटि भाग हृदय कमल में गुरु नाभि में उपाध्याय मुनि चरण बहे ।। ४. संकट कष्ट कटे भव संचित , ఫఓ बल से। महामंत्र बाधाएं टलती , মুন-ঈন अभिमंत्रित नव पद जल से Il ओम् ह्रीं श्रीं क्लीं विघ्न विनाशक, महामंत्र जग का त्राता | सच्चे दिल से जपने वाला, सुख शांति वैभव पाता Il परमेष्ठी स्तुति प्रातः उठकर शुद्ध भाव से, परमेष्ठी का ध्यान धरूं | देव, गुरु, जिनन्धर्म शरण से, भव सागर को पार करूं ।l १. वन्दू में प्रतिदिन अर्हम् को, श्री सिद्धं आचार्यवरम् | उपाध्याय सदज्ञान प्रदाता, मुनिवर महाउपकारकरम् I। २. ओम् अरिहन्त देव अघ हरणम्  सिद्ध निरंजन सुखकरणम् | श्री आचार्य भवोदधिन्तरणम , मुनिवर शरणम् Il उपाध्याय ३. मस्तक पर अरिहन्त विराजित, में सिद्ध रहे। भृकुटि भाग हृदय कमल में गुरु नाभि में उपाध्याय मुनि चरण बहे ।। ४. संकट कष्ट कटे भव संचित , ఫఓ बल से। महामंत्र बाधाएं टलती , মুন-ঈন अभिमंत्रित नव पद जल से Il ओम् ह्रीं श्रीं क्लीं विघ्न विनाशक, महामंत्र जग का त्राता | सच्चे दिल से जपने वाला, सुख शांति वैभव पाता Il - ShareChat