ShareChat
click to see wallet page
search
#spiritual #bhakti #guru
spiritual - SATLOK ASHRA WUND ज्यों तिल माहि तेल है ,ज्यों चकमक में आग। तेरा साईं तुझ ही में है ,जाग सके तो जाग।। भावार्थः कबीर जी हिंदू और मुसलमान दोनों को समझाते हुए कहते हैं कि जैसे तिल के अंदर तेल होता है और आग के अंदर रोशनी होती है ठीक वैसे ही हमारा ईश्वर, अल्लाह हमारे अंदर ही विद्यमान है, सको तो ढूंढ लो। अगर ढूंढ SADELHIMUNDKA FOLLOW US ON : SAILOK ASHRAMMUNDKA OFFICIAL SAMUNDKADELHI SATLOK ASHRA WUND ज्यों तिल माहि तेल है ,ज्यों चकमक में आग। तेरा साईं तुझ ही में है ,जाग सके तो जाग।। भावार्थः कबीर जी हिंदू और मुसलमान दोनों को समझाते हुए कहते हैं कि जैसे तिल के अंदर तेल होता है और आग के अंदर रोशनी होती है ठीक वैसे ही हमारा ईश्वर, अल्लाह हमारे अंदर ही विद्यमान है, सको तो ढूंढ लो। अगर ढूंढ SADELHIMUNDKA FOLLOW US ON : SAILOK ASHRAMMUNDKA OFFICIAL SAMUNDKADELHI - ShareChat