ShareChat
click to see wallet page
search
#✍प्रेमचंद की कहानियां #✍मेरे पसंदीदा लेखक #✍️ साहित्य एवं शायरी #📚कविता-कहानी संग्रह #📓 हिंदी साहित्य
✍प्रेमचंद की कहानियां - अफसोस ! तुम भी॰ 26 तुम्हारा अंतिम समय का व्यवहार, मेरी पसंद पर दाग लगा गया। वो सारी शराफ़त बस एक दिखावा थी, जो मोड पर आकर बेनकाब हो गया। 311T भीड़ से अलग हो, सोचा था तुम अफ़सोस , तुम भी उसी থীভ TT का हिस्सा निकले। रिश्ता ख़त्म होने का दुःख नहीं है मुझे , दुःख ये है कि मैंने ' तुम्हें' चुना था। अफसोस ! तुम भी॰ 26 तुम्हारा अंतिम समय का व्यवहार, मेरी पसंद पर दाग लगा गया। वो सारी शराफ़त बस एक दिखावा थी, जो मोड पर आकर बेनकाब हो गया। 311T भीड़ से अलग हो, सोचा था तुम अफ़सोस , तुम भी उसी থীভ TT का हिस्सा निकले। रिश्ता ख़त्म होने का दुःख नहीं है मुझे , दुःख ये है कि मैंने ' तुम्हें' चुना था। - ShareChat