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#🌅🌻‼️શુપ્રભાતમ્‼️🌻🌄 #🙏 ભક્તિ & ધર્મ #🙏 જય શ્રી કૃષ્ણ #🙏શ્રીમદ્ ભગવદ્ ગીતા શ્લોક📙
🌅🌻‼️શુપ્રભાતમ્‼️🌻🌄 - Bhagavad Gita तृतीय अध्याय अन्नाद्भवन्ति भूतानि पर्जन्यादन्नसम्भवः | यज्ञाद्भवति पर्जन्यो यज्ञः कर्मसमुद्भवः ||?8|| शुप्रभातम् जय श्रीं कृष्ण सभी प्राणी अन्न से उत्पन्न होते हैं , अन्न का उत्पादन वर्षा से होता है, वर्षा यज्ञ के सम्पन्न होने से होता है और यज्ञ नियत कर्मों से उत्पन्न होता है। Bhagavad Gita तृतीय अध्याय अन्नाद्भवन्ति भूतानि पर्जन्यादन्नसम्भवः | यज्ञाद्भवति पर्जन्यो यज्ञः कर्मसमुद्भवः ||?8|| शुप्रभातम् जय श्रीं कृष्ण सभी प्राणी अन्न से उत्पन्न होते हैं , अन्न का उत्पादन वर्षा से होता है, वर्षा यज्ञ के सम्पन्न होने से होता है और यज्ञ नियत कर्मों से उत्पन्न होता है। - ShareChat