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#🎙️मशहूर शायरों की शायरी✍️ #✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 #📖Whatsapp शायरी
🎙️मशहूर शायरों की शायरी✍️ - कोई किसी में रह गया कोई किसी में बह गया, सब अपनी अपनी तकदी२ का खेल था कोई किसी को बिन मांगे ही मिल गया में मांगता रह गया कोई दुआओं Ramesh Sariyala कोई किसी में रह गया कोई किसी में बह गया, सब अपनी अपनी तकदी२ का खेल था कोई किसी को बिन मांगे ही मिल गया में मांगता रह गया कोई दुआओं Ramesh Sariyala - ShareChat