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#Jai Shri Radhe
Jai Shri Radhe - 9 ద్ా "भगवत्राप्ति" న ೯ मनुष्य मात्र भगवत्प्राप्ति का अधिकारी है और वह সশব্ধ परिस्थिति में को कर I I4I सकता   है। परमात्मा प्राप्ति में देरी नहीं लगती। देरी लगती है- सम्बन्धजन्य सुख की इच्छा का त्याग करने में। ঢি केवल की भगवान् इच्छा हो तो भगवान् प्रकट हो जायँगे अथवा कोई भी इच्छा न हो तो भी भगवान् प्रकट हो जायँगे। बस अधूरापन नहीं होना चाहिये। सत्य को जानो चाहे मत जानो, पर जिसको असत्य जानते हो, उसका त्याग कर दो तो सत्य की प्राप्ति हो जायगी। [ -श्रद्धेय स्वामीजी श्रीरामसुखदासजी महाराज ঢি 0 তম ৪ী যঙী" "जय श्रीजी की चरण सेवा 9 ద్ా "भगवत्राप्ति" న ೯ मनुष्य मात्र भगवत्प्राप्ति का अधिकारी है और वह সশব্ধ परिस्थिति में को कर I I4I सकता   है। परमात्मा प्राप्ति में देरी नहीं लगती। देरी लगती है- सम्बन्धजन्य सुख की इच्छा का त्याग करने में। ঢি केवल की भगवान् इच्छा हो तो भगवान् प्रकट हो जायँगे अथवा कोई भी इच्छा न हो तो भी भगवान् प्रकट हो जायँगे। बस अधूरापन नहीं होना चाहिये। सत्य को जानो चाहे मत जानो, पर जिसको असत्य जानते हो, उसका त्याग कर दो तो सत्य की प्राप्ति हो जायगी। [ -श्रद्धेय स्वामीजी श्रीरामसुखदासजी महाराज ঢি 0 তম ৪ী যঙী" "जय श्रीजी की चरण सेवा - ShareChat