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#👌 दोहे #💐कबीर अमृतवाणी
👌 दोहे - "माया मरी न मन मरा, मर-मर गया शरीर। आशा तृष्णा न मरी, कह गए दास कबार।|" संत कबीर दास Ramesh Sariyala "माया मरी न मन मरा, मर-मर गया शरीर। आशा तृष्णा न मरी, कह गए दास कबार।|" संत कबीर दास Ramesh Sariyala - ShareChat