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#santgribdasji_bodhdiwas #SpiritualLeaderSaintRampalJi #GreatestGuru_InTheWorld #AlmightyGodKabir #सत_भक्ति_संदेश गरीब, मान सरोवर नहाइये, हंस परमहंस का मेल। बिना चुंच मोती चुगैं, अगम अगोचर खेल।। - जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज #santrampaljimaharaj
santrampaljimaharaj - रदेश श्त भक्त कबीर, सुख के माथे पत्थर पड़ो, जो नाम हृदय से जाय। बलिहारी वा दुःख के, जो पल-पल राम रटाय।। भावार्थ : हे परमात्मा! इतना सुख भी ना देना जिससे तेरी भूल पड़। जिस दुःख से परमात्मा की पल-्पल याद बनी रहे, वैसे दुःख सदा देते रहना| मैं बलिहारी जाऊँ उस दुःख को जिसके कारण परमात्मा की शरण मिली| भक्त रामभक्त जी ने भक्त रामनिवास जी से कहा कि अब के सत्संग में बेटे प्रेम सिंह को ले जाना। इसका उद्घार हो जाएगा | अगले सत्संग में जो एक महीने पश्चात् होना था। भक्त रामनिवास जी आए और प्रेम सिंह को अपने घर ले जाने के बहाने ले गए। घर से सत्संग में ले गए। तीन दिन तक आश्रम में रहे सत्संग कुनरंग  भक्तों से उनकी आप-बीती सुनी तो सत्संग ক पुराने ~ में रंग गया। भक्त रामभक्त जी का परिवार एकदम बदल गया। भक्ति- सेवा करके कल्याण को प्राप्त हुआ | जगतगुरु संत रामपाल जी महाराज जी SANT RAMPAL Ji SPIRITUALLEADER @SAINTRAMPALJII SUPREMEGOD ORG ml@ @ SAINT RAMPAL J MAHARAJ रदेश श्त भक्त कबीर, सुख के माथे पत्थर पड़ो, जो नाम हृदय से जाय। बलिहारी वा दुःख के, जो पल-पल राम रटाय।। भावार्थ : हे परमात्मा! इतना सुख भी ना देना जिससे तेरी भूल पड़। जिस दुःख से परमात्मा की पल-्पल याद बनी रहे, वैसे दुःख सदा देते रहना| मैं बलिहारी जाऊँ उस दुःख को जिसके कारण परमात्मा की शरण मिली| भक्त रामभक्त जी ने भक्त रामनिवास जी से कहा कि अब के सत्संग में बेटे प्रेम सिंह को ले जाना। इसका उद्घार हो जाएगा | अगले सत्संग में जो एक महीने पश्चात् होना था। भक्त रामनिवास जी आए और प्रेम सिंह को अपने घर ले जाने के बहाने ले गए। घर से सत्संग में ले गए। तीन दिन तक आश्रम में रहे सत्संग कुनरंग  भक्तों से उनकी आप-बीती सुनी तो सत्संग ক पुराने ~ में रंग गया। भक्त रामभक्त जी का परिवार एकदम बदल गया। भक्ति- सेवा करके कल्याण को प्राप्त हुआ | जगतगुरु संत रामपाल जी महाराज जी SANT RAMPAL Ji SPIRITUALLEADER @SAINTRAMPALJII SUPREMEGOD ORG ml@ @ SAINT RAMPAL J MAHARAJ - ShareChat