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#Jai Shri Radhe
Jai Shri Radhe - মাঙনা ক্ধী নীন যনি पक्षीगतिः- मानों चि़ड़िया ने एक बार फल पर चोंच मारी, वह फल नीचे गिर पड़ा, ffEuT उसे ले नहीं सकी। इस प्रकार साधक कुछ इतनी چ अधीरता साथ साधना करते हैं कि उनके प्रयत्न सफल नहीं हो पाते। वानरगतिः - बन्दर मुँह में फल को पकड़कर एक को  56 डाली पर ತ1 ಕ कूदने दूसरी TTuT छूटकर नीचे गिर पडा। साधक अपने आदर्श ন   ২ষ্ট্র   নী   হরম چ பு$3 साथ सदा दृढ़ता परिवर्तनशील जीवन के विभिन्न घटनाचक्र में पड़कर कभी कभी उसे खो बैठता है। पिपलिकागतिः-पिपलिका (चींटी) धीरे ्धीरे बढ़ती हुई खाद्यन्वस्तु के निकट जाती है और उसे मुँह में लेकर धीरे्धीरे अपनी जगह पर लौटकर उसका यह पिपलिका गति की साधना ही चखती है। मजा श्रेष्ठ   है-्इसमें फल की प्राप्ति और उसका उपभोग নিলক্কল निश्चित है। जय जय श्री राधे श्रीजी की चरण सेवा মাঙনা ক্ধী নীন যনি पक्षीगतिः- मानों चि़ड़िया ने एक बार फल पर चोंच मारी, वह फल नीचे गिर पड़ा, ffEuT उसे ले नहीं सकी। इस प्रकार साधक कुछ इतनी چ अधीरता साथ साधना करते हैं कि उनके प्रयत्न सफल नहीं हो पाते। वानरगतिः - बन्दर मुँह में फल को पकड़कर एक को  56 डाली पर ತ1 ಕ कूदने दूसरी TTuT छूटकर नीचे गिर पडा। साधक अपने आदर्श ন   ২ষ্ট্র   নী   হরম چ பு$3 साथ सदा दृढ़ता परिवर्तनशील जीवन के विभिन्न घटनाचक्र में पड़कर कभी कभी उसे खो बैठता है। पिपलिकागतिः-पिपलिका (चींटी) धीरे ्धीरे बढ़ती हुई खाद्यन्वस्तु के निकट जाती है और उसे मुँह में लेकर धीरे्धीरे अपनी जगह पर लौटकर उसका यह पिपलिका गति की साधना ही चखती है। मजा श्रेष्ठ   है-्इसमें फल की प्राप्ति और उसका उपभोग নিলক্কল निश्चित है। जय जय श्री राधे श्रीजी की चरण सेवा - ShareChat