बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवनकुमार ।
बल बुधि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार ॥
हे पवनकुमार! मैं अपने आप को शरीर और बुद्धि से कमजोर जान कर आपका स्मरण करता हूँ। आप मुझे शारीरिक बल, सद्बुद्धि एवं ज्ञान देकर मेरे दुःखों व दोषों का नाश कीजिए।
#🙏हनुमान चालीसा🏵 #🙏हनुमान चालीसा🏵


