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#📓 हिंदी साहित्य #✍मेरे पसंदीदा लेखक #✍️ साहित्य एवं शायरी #🌸 सत्य वचन #🙏सुविचार📿
📓 हिंदी साहित्य - नइधारा 751 नरहो, न निराश करो मन को कुछ काम करो, कुछ काम करो जग में रह कर कुछ नाम करो  हुआ किस अर्थ अहो 465# समझो जिसमें यह व्यर्थ न हो a कुछ तो उपयुक्त करो तन को नर हो, न निराश करो मन को [ ು  -मैथिलीशरण गुप्त    12.2K नइधारा 751 नरहो, न निराश करो मन को कुछ काम करो, कुछ काम करो जग में रह कर कुछ नाम करो  हुआ किस अर्थ अहो 465# समझो जिसमें यह व्यर्थ न हो a कुछ तो उपयुक्त करो तन को नर हो, न निराश करो मन को [ ು  -मैथिलीशरण गुप्त    12.2K - ShareChat