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#✍️ अनसुनी शायरी #✍️ साहित्य एवं शायरी
✍️ अनसुनी शायरी - ೩೯೬' *आसानी जाऊ वो इंसान थोड़ी हूँ, सबको पसंद आ जाऊ भगवान थोड़़ी हूँ..!* ೩೯೬' *आसानी जाऊ वो इंसान थोड़ी हूँ, सबको पसंद आ जाऊ भगवान थोड़़ी हूँ..!* - ShareChat