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मेरे कंधों पर बैठने वाली आज किसी और का सहारा बन गई।#papa #beti ##shaddi
#shaddi - बेटी की छोटी सी उँगली थामकर चलना सीखा था जिस बाप ने, वही अपनी धड़कन रोककर आज उसे विदा करने की बात कहता है। बाप की आँखों में चमक भी है, और गहराई में थोड़ा-सा डर भी, क्योंकि बेटी भले पराई हो जाए, पर बाप के दिल में रहती है हमेशा ही। मेहंदी की खुशबू में खो जाते हैं उसके बचपन के सारे फ़साने, ओढ़नी की हर पल्लू में बंधे वो अनगिनत सपने पुराने। बेटी डोली में बैठती है, जब बाप की मुस्कान कांप-सी जाती है, आशीर्वादॅ तो देता है दिल खोलकर, पर आवाज़ कहीं गले में अटक जाती है। बाप जानता है बेटियाँ पंछियों जैसी होती हैं आख़िर एक दिन उड़़ जाना होता है. पर हर उड़ान के नीचे उसके स्नेह का आसमान होता है। इसलिए शादी के दिन वो सिर्फ़ एक बात कह पाता है खुश रहना बेटी.. मेरी दुआएँ हमेशा तेरे साथ हैं। " Your uotein Tanvii बेटी की छोटी सी उँगली थामकर चलना सीखा था जिस बाप ने, वही अपनी धड़कन रोककर आज उसे विदा करने की बात कहता है। बाप की आँखों में चमक भी है, और गहराई में थोड़ा-सा डर भी, क्योंकि बेटी भले पराई हो जाए, पर बाप के दिल में रहती है हमेशा ही। मेहंदी की खुशबू में खो जाते हैं उसके बचपन के सारे फ़साने, ओढ़नी की हर पल्लू में बंधे वो अनगिनत सपने पुराने। बेटी डोली में बैठती है, जब बाप की मुस्कान कांप-सी जाती है, आशीर्वादॅ तो देता है दिल खोलकर, पर आवाज़ कहीं गले में अटक जाती है। बाप जानता है बेटियाँ पंछियों जैसी होती हैं आख़िर एक दिन उड़़ जाना होता है. पर हर उड़ान के नीचे उसके स्नेह का आसमान होता है। इसलिए शादी के दिन वो सिर्फ़ एक बात कह पाता है खुश रहना बेटी.. मेरी दुआएँ हमेशा तेरे साथ हैं। " Your uotein Tanvii - ShareChat