ShareChat
click to see wallet page
search
#dil ki bate #feelings (dil ki baate) #💞Heart touching शायरी✍️ #🌟🌟दिल के अल्फाज ❤️💫📝 #💕दिल की💕बात 💕दिल से💕दिल तक💕अल्फाज ए मुहब्बत 💕( आर-दत्ता)😘😟
dil ki bate - तेरे लिए चले थे हम तेरे लिए ठहर गए तू ने कहा तो जी उठे तू ने कहा तो मर गए कट ही गई जुदाई भी कब ये हुआ कि मर गए तेरे भी दिन गुज़र गए मेरे भी दिन गुज़र गए भी कुछ तू भी कुछ और और है हम और और हैं जाने वो तू किधर गया जाने वो हम किधर गए 64' राहों में ही मिले राहें नसीब बन गईं वो भी न अपने घर गया हम भी न अपने घर गए वक़्त तिरी जुदाई का इतना तवील हो गया दिल में तिरे विसाल के जितने थे ज़ख़्म भर गए होता रहा मुक़ाबला पानी का और प्यास का सहरा उमड उमड पडे़ दरिया बिफर बिफर गए वो भी ग़ुबार ए॰ख़्वाब था हम भी ग़ुबार ए ख़्वाब थे वो भी कहीं बिखर गया हम भी कहीं बिखर गए कोई कनार एनआबजू बैठा हुआ है सर निगूँ कश्ती किधर चली गई जाने किधर भँवर गए आज भी इंतिज़ार का वक़्त हुनूत हो गया ऐसा लगा कि हश्र तक सारे ही पल ठहर गए बारिश ए॰्वस्ल वो हुई सारा ग़ुबार धुल गया वो भी निखर निखर गया हम भी निखर निखर गए तेरे लिए चले थे हम तेरे लिए ठहर गए तू ने कहा तो जी उठे तू ने कहा तो मर गए कट ही गई जुदाई भी कब ये हुआ कि मर गए तेरे भी दिन गुज़र गए मेरे भी दिन गुज़र गए भी कुछ तू भी कुछ और और है हम और और हैं जाने वो तू किधर गया जाने वो हम किधर गए 64' राहों में ही मिले राहें नसीब बन गईं वो भी न अपने घर गया हम भी न अपने घर गए वक़्त तिरी जुदाई का इतना तवील हो गया दिल में तिरे विसाल के जितने थे ज़ख़्म भर गए होता रहा मुक़ाबला पानी का और प्यास का सहरा उमड उमड पडे़ दरिया बिफर बिफर गए वो भी ग़ुबार ए॰ख़्वाब था हम भी ग़ुबार ए ख़्वाब थे वो भी कहीं बिखर गया हम भी कहीं बिखर गए कोई कनार एनआबजू बैठा हुआ है सर निगूँ कश्ती किधर चली गई जाने किधर भँवर गए आज भी इंतिज़ार का वक़्त हुनूत हो गया ऐसा लगा कि हश्र तक सारे ही पल ठहर गए बारिश ए॰्वस्ल वो हुई सारा ग़ुबार धुल गया वो भी निखर निखर गया हम भी निखर निखर गए - ShareChat