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#@@@ #सत_ भक्ति _संदेश ⭐💫गुरु की असीम महिमा और उनके प्रति समर्पण को दर्शाता है। इसका अर्थ है कि मैं अपने गुरु पर हर पल (घड़ी-घड़ी) सौ-सौ बार न्योछावर होता हूँ, क्योंकि उन्होंने मुझे साधारण मनुष्य से देवता (दिव्य ज्ञान प्राप्त आत्मा) बनाने में तनिक भी देर नहीं की।🎯🎯
@@@ - कबीर , बलिहारी गुरू आपने , घड़ी घड़ी सौ-सौ बार मानुष से देवता किया, करत न लागी वार। । महानता इतनी बड़ी है कि उनकी गुरुकी प्रशंसा बार -बार करनी चाहिए। गुरु वह है जो साधारण इंसान को अपने ज्ञान और शिक्षा से देवता के समान बना देता है। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी ww .Jagdlgururampalji.org Saflok Ashram Indore Safloklndore कबीर , बलिहारी गुरू आपने , घड़ी घड़ी सौ-सौ बार मानुष से देवता किया, करत न लागी वार। । महानता इतनी बड़ी है कि उनकी गुरुकी प्रशंसा बार -बार करनी चाहिए। गुरु वह है जो साधारण इंसान को अपने ज्ञान और शिक्षा से देवता के समान बना देता है। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी ww .Jagdlgururampalji.org Saflok Ashram Indore Safloklndore - ShareChat