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#✍मिर्झा गालिब शायरी ## मनातले❤️पानावर 🌷
✍मिर्झा गालिब शायरी - गुजर जाएगा ये दौर भी ग़ालिब ೯ ज़रा इत्मीनान तो रख जब ही ना ठहरी तो खुशी ग़म 1 16 की क्या औकात है. 8 ವ गुजर जाएगा ये दौर भी ग़ालिब ೯ ज़रा इत्मीनान तो रख जब ही ना ठहरी तो खुशी ग़म 1 16 की क्या औकात है. 8 ವ - ShareChat