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educational knowledge - टीईटी ॰ केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार व्यवस्था लागू करने का किया ऐलान  जिन शिक्षकों की अभी 5 साल से ज्यादा सेवा शेष है उन्हें दो साल के अंदर उत्तीर्ण करनी होगी पात्रता परीक्षा, वरना जाएगी नौकरी साल २०११ से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए अव शिक्षक  efppiFR कक्षा 1 से 8तकका शिक्षक बनने केलिए टेटजरूरी पात्रता परीक्षा ( टीईटी ) अनिवार्य होगा। जिन शिक्षको की नीकरी में 5 साल से अधिक का समय शेष हे, उनको भी 2 साल रमे पात्रता परीक्षा  पास करनी होगी, चरना नाकरी जा सकती ह। जिनको नाकरी में 5 साल   सूत्रों के अनुसार सुप्रीम कोर्ट नेएक यह लागू है व्यवस्था : जिन शिक्षकों की सेवा में 5 মিনন 2025 ক সপন নিণায স वर्पसे अधक समय शेष रहा है उन्हे एक सितंबर २०२५ से से कम सेवा शेष यचो है॰ वह बिना टीईटी सेवानिवृत्ति तक सेवा जारो  दो वर्षके भीतर टीईटी पास करना होगा तभीवे सेवा में बने स्पष्ट किया है कि आरटीई  खख सकते हे॰ पर उनको भी पदोन्नति के लिए पात्रता परीक्षा अनिवार्य  रहग। जिन शिक्षकों की सेवा म 5 वर्षसे कम समय बचा अधिनियम के तहत आने वाले Ti1l उन्हें बिना टीईटी के सेवानिवृति तक सेवा म बने रहने কূলা স ঘািমব্ধ নিঘ্রুদিন ক লিব  शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी ) को लेकर लंवे समय सेच्ल रहो हुए केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की   टीइंटी न्यूनतम योग्यता का अनिवार्य  की अनुमति दी गई हे। हालॉकि ऐसे शिक्षक टीईटी पास किए असमजस पर स्थिति स्पष्ट करते बिना किसी भी स्थिति में पदोन्नति के पात्र नहीं होँगे। पास  हिस्सा ह। साथ हा कोट ने वप ओर से इस संबंध में गत वर्ष दिए गए फेसले पर व्यवस्था लागू करने  करना होगा, तभी वे सेवा मेंबने रह सकेंगे। सरकार कीओर  २०११ से पहले भर्ती शिक्षकों को का ऐलान किया हे। शिक्षा मत्रालय ने संसद मे कहा हे कि टीईटो अव लेकर विशेष व्यवस्था की ह।  सेकोईभीओरियटेशन कोर्सकरा दिया जाए जिससेवे केवल नई भर्ती के लिए ही नही, वल्कि सेवारत शिक्षको की पदोन्नति के अपडेट हो जाएं। सीनियर टीचरों को टेस्ट से मुक्ति दिलाई  सरकार ने लोकसभा मे यह साफ लिए भी अनिवार्य होगी। बिना टीईटी पास किए कोई भी शिक्षक पदोन्न्ति  जाए जिससे उनके प्रमोशन का रास्ता नहीं रुके। मंत्रालय ने कर दिया कि वर्ष २०११ से पाले लोकसभा मैें सोमवार को सांसद लालजी  के पात्र नही माना जाएगा। नियुक्त  शिक्षकों को लेकर कोई पूर्ण * यह भी दोहराया कि शिक्षक के रूप मे सोधी भर्ती ही नही रमें यह मुद्दा ठठाया गया कि क्या वर्ष २०११ से वर्मा द्वारा पूछे गए प्रश्न नीति लानेका फिलहाल बल्कि पदोन्नति के माध्यम से नियुक्ति केलिए भी टीईटी  पहले नियुक्त शिक्षकों को टीर्टी के अभाव में अनिश्चितता और  छट को कोई विचार नही हे। कोर्ट के निर्देशा  अनिवार्य योग्यता हे।  प्रशासनिक बाधाओं का सामना करना पड़ रहा हे। साथ ही यह भी पूछा  गया कि क्या सरकार उनके लिए कोई समान राष्ट्रीय नीति बनाकर उन्हें   के अनुसार ही व्यवस्था लागू रहेगी।  यह फैसला ला्खों परिवारों की आजीविका पर चोट इस जवाब के चाद देशभर के है। शिक्षक संघ रेसटा ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर टीटटी से पूरी तरह छूट देने पर विचार कर रही है। इसके जवाव में शिक्षा  हजारों शिक्षको पर सीथा असर  टेट से छट देने की मांग की हे। हालाकि फैसला देश मे स्पष्ट किया कि निशुल्क ओर अनिवार्य चाल शिक्षा का मंत्रालय पड़ेगा। इससे तय ऐ कि टीईटी पास अधिकार ( आरटीई ) अधिनियम २००१ की धारा २३ के तहत राप्ट्रीय  शिक्षा गुणवत्ता की दिशा में अहम कदम है, पर पुराने  शिक्षक शिक्षा परिपद ( एनसीटीई ) ने २३ अगस्त २०१० को अधिसूचना   किए बिना न तो प्रमोशन मिलेगा  है। पुराने लगे शिक्षकों को छूट दी ঘািমকা ক লিব चुनौती  जारी कर कक्षा 1 से आठ तक का शिक्षक बनने के लिए न्यूनतम   और न ही उच्च पदों पर जाने का जाए। मोहर सिंह सलावद प्रदेशाध्यक्ष रेसटा राजस्थान रास्ता खुलगा।  योग्यता तयकीथी जिसमें टीईटी अनिवार्य है।  टीईटी ॰ केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार व्यवस्था लागू करने का किया ऐलान  जिन शिक्षकों की अभी 5 साल से ज्यादा सेवा शेष है उन्हें दो साल के अंदर उत्तीर्ण करनी होगी पात्रता परीक्षा, वरना जाएगी नौकरी साल २०११ से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए अव शिक्षक  efppiFR कक्षा 1 से 8तकका शिक्षक बनने केलिए टेटजरूरी पात्रता परीक्षा ( टीईटी ) अनिवार्य होगा। जिन शिक्षको की नीकरी में 5 साल से अधिक का समय शेष हे, उनको भी 2 साल रमे पात्रता परीक्षा  पास करनी होगी, चरना नाकरी जा सकती ह। जिनको नाकरी में 5 साल   सूत्रों के अनुसार सुप्रीम कोर्ट नेएक यह लागू है व्यवस्था : जिन शिक्षकों की सेवा में 5 মিনন 2025 ক সপন নিণায স वर्पसे अधक समय शेष रहा है उन्हे एक सितंबर २०२५ से से कम सेवा शेष यचो है॰ वह बिना टीईटी सेवानिवृत्ति तक सेवा जारो  दो वर्षके भीतर टीईटी पास करना होगा तभीवे सेवा में बने स्पष्ट किया है कि आरटीई  खख सकते हे॰ पर उनको भी पदोन्नति के लिए पात्रता परीक्षा अनिवार्य  रहग। जिन शिक्षकों की सेवा म 5 वर्षसे कम समय बचा अधिनियम के तहत आने वाले Ti1l उन्हें बिना टीईटी के सेवानिवृति तक सेवा म बने रहने কূলা স ঘািমব্ধ নিঘ্রুদিন ক লিব  शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी ) को लेकर लंवे समय सेच्ल रहो हुए केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की   टीइंटी न्यूनतम योग्यता का अनिवार्य  की अनुमति दी गई हे। हालॉकि ऐसे शिक्षक टीईटी पास किए असमजस पर स्थिति स्पष्ट करते बिना किसी भी स्थिति में पदोन्नति के पात्र नहीं होँगे। पास  हिस्सा ह। साथ हा कोट ने वप ओर से इस संबंध में गत वर्ष दिए गए फेसले पर व्यवस्था लागू करने  करना होगा, तभी वे सेवा मेंबने रह सकेंगे। सरकार कीओर  २०११ से पहले भर्ती शिक्षकों को का ऐलान किया हे। शिक्षा मत्रालय ने संसद मे कहा हे कि टीईटो अव लेकर विशेष व्यवस्था की ह।  सेकोईभीओरियटेशन कोर्सकरा दिया जाए जिससेवे केवल नई भर्ती के लिए ही नही, वल्कि सेवारत शिक्षको की पदोन्नति के अपडेट हो जाएं। सीनियर टीचरों को टेस्ट से मुक्ति दिलाई  सरकार ने लोकसभा मे यह साफ लिए भी अनिवार्य होगी। बिना टीईटी पास किए कोई भी शिक्षक पदोन्न्ति  जाए जिससे उनके प्रमोशन का रास्ता नहीं रुके। मंत्रालय ने कर दिया कि वर्ष २०११ से पाले लोकसभा मैें सोमवार को सांसद लालजी  के पात्र नही माना जाएगा। नियुक्त  शिक्षकों को लेकर कोई पूर्ण * यह भी दोहराया कि शिक्षक के रूप मे सोधी भर्ती ही नही रमें यह मुद्दा ठठाया गया कि क्या वर्ष २०११ से वर्मा द्वारा पूछे गए प्रश्न नीति लानेका फिलहाल बल्कि पदोन्नति के माध्यम से नियुक्ति केलिए भी टीईटी  पहले नियुक्त शिक्षकों को टीर्टी के अभाव में अनिश्चितता और  छट को कोई विचार नही हे। कोर्ट के निर्देशा  अनिवार्य योग्यता हे।  प्रशासनिक बाधाओं का सामना करना पड़ रहा हे। साथ ही यह भी पूछा  गया कि क्या सरकार उनके लिए कोई समान राष्ट्रीय नीति बनाकर उन्हें   के अनुसार ही व्यवस्था लागू रहेगी।  यह फैसला ला्खों परिवारों की आजीविका पर चोट इस जवाब के चाद देशभर के है। शिक्षक संघ रेसटा ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर टीटटी से पूरी तरह छूट देने पर विचार कर रही है। इसके जवाव में शिक्षा  हजारों शिक्षको पर सीथा असर  टेट से छट देने की मांग की हे। हालाकि फैसला देश मे स्पष्ट किया कि निशुल्क ओर अनिवार्य चाल शिक्षा का मंत्रालय पड़ेगा। इससे तय ऐ कि टीईटी पास अधिकार ( आरटीई ) अधिनियम २००१ की धारा २३ के तहत राप्ट्रीय  शिक्षा गुणवत्ता की दिशा में अहम कदम है, पर पुराने  शिक्षक शिक्षा परिपद ( एनसीटीई ) ने २३ अगस्त २०१० को अधिसूचना   किए बिना न तो प्रमोशन मिलेगा  है। पुराने लगे शिक्षकों को छूट दी ঘািমকা ক লিব चुनौती  जारी कर कक्षा 1 से आठ तक का शिक्षक बनने के लिए न्यूनतम   और न ही उच्च पदों पर जाने का जाए। मोहर सिंह सलावद प्रदेशाध्यक्ष रेसटा राजस्थान रास्ता खुलगा।  योग्यता तयकीथी जिसमें टीईटी अनिवार्य है। - ShareChat