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#ਅੱਜ ਦਾ ਹੁਕਮਨਾਮਾ ਸਾਹਿਬ ਜੀ
ਅੱਜ ਦਾ ਹੁਕਮਨਾਮਾ ਸਾਹਿਬ ਜੀ - 8 Hrul 17 JANUARY ग्वभ ठ नग्टै (जिस मनुष्य को प्रभु के भाणे की (रजा कीः मर्णी वी) समझ नहीं पडती उसे घग्उा ठेदै Il लांग  बहुत रोनान्धोना लगा रहता cy हे॰ उसका मन चिन्ता र्मे रहता है। (इस करके) सुख की नींद उग्टेरो HH३ ठग् थदे उग भठ विर पग्उ गे वउिउा उ नही सोसकता। ( गावकगी शांति नही मिलती)| अगर वरथरा रँगी र्ग्ग्री गे। (जीव) स्त्री ( प्रभु) प्ति की रजा मे चले तो दरगाह मे ओर इस संसार मे उसकी Not understanding Lord s Command  शोभा होती हे ओर (प्रभु की ) हजूरी गें उसको आदर terrible pain cries in OUt One চিলনা ह। 8 Hrul 17 JANUARY ग्वभ ठ नग्टै (जिस मनुष्य को प्रभु के भाणे की (रजा कीः मर्णी वी) समझ नहीं पडती उसे घग्उा ठेदै Il लांग  बहुत रोनान्धोना लगा रहता cy हे॰ उसका मन चिन्ता र्मे रहता है। (इस करके) सुख की नींद उग्टेरो HH३ ठग् थदे उग भठ विर पग्उ गे वउिउा उ नही सोसकता। ( गावकगी शांति नही मिलती)| अगर वरथरा रँगी र्ग्ग्री गे। (जीव) स्त्री ( प्रभु) प्ति की रजा मे चले तो दरगाह मे ओर इस संसार मे उसकी Not understanding Lord s Command  शोभा होती हे ओर (प्रभु की ) हजूरी गें उसको आदर terrible pain cries in OUt One চিলনা ह। - ShareChat