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#🖋ग़ज़ल #✍️ अनसुनी शायरी #💔पुराना प्यार 💔 #💌शब्द से शायरी✒️ #💓 दिल के अल्फ़ाज़
🖋ग़ज़ल - रकम तो इकट्ठी हो गई थी मगर वो चीज़ महंगी हो गई थी बैंक ऑफ़ शायरी दर बदर रकम तो इकट्ठी हो गई थी मगर वो चीज़ महंगी हो गई थी बैंक ऑफ़ शायरी दर बदर - ShareChat