“मैं तुम्हारे नसीब में बार-बार थोड़ी आऊँगी। अभी हूँ तो मुझे जिस तरह रख सकते हो, रख लो।”"मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं, जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है। तुझपे खुल जाती मेरे रूह की तन्हाई भी.!! मेरी आँखों में कभी झांक के देखा होता.!!या देवी सर्वभूतेषु माँ कालरात्रि रूपेण संस्थिता।नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥चैत्र नवरात्रि के सातवें पावन दिवस पर माँ दुर्गा के उग्र एवं शक्तिशाली स्वरूप माँ कालरात्रि को कोटि-कोटि नमन। शत्रु विनाशक माँ कालरात्रि से प्रार्थना है कि समस्त देशवासियों के जीवन से भय, नकारात्मकता एवं दुष्ट शक्तियों का नाश कर साहस, शक्ति और शुभ फल प्रदान करें। उनकी कृपा से सभी संकट दूर हों, आत्मबल की वृद्धि हो तथा जीवन में सुख-शांति बनी रहे।गणपूज्यो वक्रतुण्ड एकदंष्ट्री त्रियम्बक:। नीलग्रीवो लम्बोदरो विकटो विघ्रराजक :।। धूम्रवर्णों भालचन्द्रो दशमस्तु विनायक:। #जय मां कालरात्रि माता रानी गणपर्तिहस्तिमुखो द्वादशारे यजेद्गणम।।शुभ प्रभात , सुंदरबुधवार
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