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#📒 मेरी डायरी
📒 मेरी डायरी - बेटियाँ जिन्दगी के अलंकारों में अनुप्रास है बेटियाँ संवेदनाओं का स्पर्शीय अहसास है कम देख के बेटी हँसते हुए रोटी बोली पापा आप खा लीजिये मेरा तो उपवास है बेटियाँ जिन्दगी के अलंकारों में अनुप्रास है बेटियाँ संवेदनाओं का स्पर्शीय अहसास है कम देख के बेटी हँसते हुए रोटी बोली पापा आप खा लीजिये मेरा तो उपवास है - ShareChat