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#तुलसी दास तुलसी दास कबीर
तुलसी दास तुलसी दास कबीर - १= तुलसीदास जी के प्रसिद्ध दोहे प्रभु मूरति देखी तिन तैसी। जाकी रही भावना जैसी, अर्थः जिसकी जैसी भावना होती है, उसे प्रभु की मूर्ति वैसी ही दिखाई देती है। व्याख्याः ईश्वर को वही रूप दिखाई देता है, जैसा हमारे मन का भाव होता है। भगवान निर्भर करती है। ररिल्धहै नहीर्सत ककीहुै की प्राप्ति भक्ति और को बहु बिनु हरि कृपा विधि करहिं यता। | अर्थः भूगवान की कृूपा के बिना सच्चे संत या गुरु नहीं मिलते, चाहे कोई कितने भी प्रयास क्यों न करे। व्याख्याः सच्चे गुरु या संत का मिल्ना ईश्वर की विशेष कूपा से ही संभव होता है। 'तुलसी काया खेत है, मनसा भयौ किसान। xx/ पाप-पुण्य दोउ बीज हैं, बुवै सो लुनै निदान। I** अर्थः यह शरीर एक खेत है और मन किसान है। पाप और पुण्य दोनों बीज हैं -जो बोया जाएगा , वही काटा जाएगा| व्याख्याः मनुष्य को अपने कर्मों का फल अवश्य भोगना पडता है, इसलिए अच्छे कर्म करॅने चाहिए। कुअंठा नास। **राम नाम नरकेसरी, काल सुमिरत नाम जपत हरि, काटै सबँ त्रास। |** अर्थः नाम नरसिंह के समान शक्तिशाली है, जो मृत्यु के भय को नष्ट करदेता IH है। राम नाम का स्मरण करने से सभी दुःख और भॅँय दूर हो जाते हैं। ಖ: राम नाम का जाप मनुष्य का सबसे बड़ा सहारा और रक्षक है। मुखिया वह जोँ खलक हित, चाहै सुख सबकोय। अर्थः सच्चा मुखिया या नेता वही है, जो सभी लोगों का हित चाहता है और सबके सुख की कामना करता है। ಖ: नेतृत्व 7 का अर्थ केवल शासन करना नहीं , बल्कि निस्वार्थ भाव से सबका कल्याण करना है। १= तुलसीदास जी के प्रसिद्ध दोहे प्रभु मूरति देखी तिन तैसी। जाकी रही भावना जैसी, अर्थः जिसकी जैसी भावना होती है, उसे प्रभु की मूर्ति वैसी ही दिखाई देती है। व्याख्याः ईश्वर को वही रूप दिखाई देता है, जैसा हमारे मन का भाव होता है। भगवान निर्भर करती है। ररिल्धहै नहीर्सत ककीहुै की प्राप्ति भक्ति और को बहु बिनु हरि कृपा विधि करहिं यता। | अर्थः भूगवान की कृूपा के बिना सच्चे संत या गुरु नहीं मिलते, चाहे कोई कितने भी प्रयास क्यों न करे। व्याख्याः सच्चे गुरु या संत का मिल्ना ईश्वर की विशेष कूपा से ही संभव होता है। 'तुलसी काया खेत है, मनसा भयौ किसान। xx/ पाप-पुण्य दोउ बीज हैं, बुवै सो लुनै निदान। I** अर्थः यह शरीर एक खेत है और मन किसान है। पाप और पुण्य दोनों बीज हैं -जो बोया जाएगा , वही काटा जाएगा| व्याख्याः मनुष्य को अपने कर्मों का फल अवश्य भोगना पडता है, इसलिए अच्छे कर्म करॅने चाहिए। कुअंठा नास। **राम नाम नरकेसरी, काल सुमिरत नाम जपत हरि, काटै सबँ त्रास। |** अर्थः नाम नरसिंह के समान शक्तिशाली है, जो मृत्यु के भय को नष्ट करदेता IH है। राम नाम का स्मरण करने से सभी दुःख और भॅँय दूर हो जाते हैं। ಖ: राम नाम का जाप मनुष्य का सबसे बड़ा सहारा और रक्षक है। मुखिया वह जोँ खलक हित, चाहै सुख सबकोय। अर्थः सच्चा मुखिया या नेता वही है, जो सभी लोगों का हित चाहता है और सबके सुख की कामना करता है। ಖ: नेतृत्व 7 का अर्थ केवल शासन करना नहीं , बल्कि निस्वार्थ भाव से सबका कल्याण करना है। - ShareChat