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#Dil❤️Se💙Dil💜Ki🖤Baat💚 #dil ki baate______ #✍️ साहित्य एवं शायरी #💕 "लफ्ज़" कुछ तेरे....कुछ मेरे.... 💘 R #अल्फ़ाज़ दिल के
Dil❤️Se💙Dil💜Ki🖤Baat💚 - अना का बोझ कभी जिस्म से उतार के देख मुझे ज़बाँ से नहीं रूह से पुकार के देख मेरी ज़मीन पे चल तेज तेज़ क़दमों से फिर उस के बा'द तू जल्चे मिरे ग़ुबार के देख दिल पे गिरें तो बहुत चमकता है *"ये अश्क कभी ये आइना तेज़ाब से निखार के देख न पूछ मुझ से तिरे कुर्ब का नशा क्या है तू अपनी आँख में डोरे मिरे ख़ुमार के देख"* ज़रा तुझे भी तो एहसास एनहिज्र हो जानाँ बस एक रात मेरे हाल में गुज़ार के देख अभी तो सिर्फ़ कमाल एन्ग़ुरूर देखा है तुझे क़सम है तमाशे भी इंकिसार के देख अना का बोझ कभी जिस्म से उतार के देख मुझे ज़बाँ से नहीं रूह से पुकार के देख मेरी ज़मीन पे चल तेज तेज़ क़दमों से फिर उस के बा'द तू जल्चे मिरे ग़ुबार के देख दिल पे गिरें तो बहुत चमकता है *"ये अश्क कभी ये आइना तेज़ाब से निखार के देख न पूछ मुझ से तिरे कुर्ब का नशा क्या है तू अपनी आँख में डोरे मिरे ख़ुमार के देख"* ज़रा तुझे भी तो एहसास एनहिज्र हो जानाँ बस एक रात मेरे हाल में गुज़ार के देख अभी तो सिर्फ़ कमाल एन्ग़ुरूर देखा है तुझे क़सम है तमाशे भी इंकिसार के देख - ShareChat