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#santrampaljimaharaj गीता कहती है— तद्विद्धि प्रणिपातेन… तत्त्वदर्शी संत के बिना ज्ञान नहीं। पूर्ण संत की शरण में गए बिना मुक्ति संभव नहीं। अधिक जानकारी के लिए Sant Rampal Ji Maharaj App डाउनलोड करें। God KabirJi Nirvan Diwas
santrampaljimaharaj - ঠালা ৪ী কুভুসু ; ೪33- नह्ां पाया काशी करौंत काहे लेही, बिना भजन नर्ही ढंग रे। कोटी ग्रंथ का योही अर्थ है , साध सत्संग रे।। करो मोक्ष ग्राप्ति के लिए पूर्ण और सच्चे संत की शरण में जाना अनिवार्य है। इसी का समर्थन श्रीमद्भगवद्गीता भी करती हैः तद्विद्धि ग्रणिपातेन परिग्रश्नेन सेवया। उस परम ज्ञान को जानने के लिए तत्वदर्शी संत के TT s11311, 3್ दंडवत ग्रणाम करो और निष्कपट भाव से सेवा करो। Sant Rampal Ji YOUTUBE IItU Tudi  Maharal CHANNEL 740600||025 ঠালা ৪ী কুভুসু ; ೪33- नह्ां पाया काशी करौंत काहे लेही, बिना भजन नर्ही ढंग रे। कोटी ग्रंथ का योही अर्थ है , साध सत्संग रे।। करो मोक्ष ग्राप्ति के लिए पूर्ण और सच्चे संत की शरण में जाना अनिवार्य है। इसी का समर्थन श्रीमद्भगवद्गीता भी करती हैः तद्विद्धि ग्रणिपातेन परिग्रश्नेन सेवया। उस परम ज्ञान को जानने के लिए तत्वदर्शी संत के TT s11311, 3್ दंडवत ग्रणाम करो और निष्कपट भाव से सेवा करो। Sant Rampal Ji YOUTUBE IItU Tudi  Maharal CHANNEL 740600||025 - ShareChat