Satyam Tiwari
424 views 6 months ago
कानपुर की वायरल बैंककर्मी आस्था ठाकुर का बयान भी सुन लीजिए। ख़ुद बता रही हैं दोनों ही पक्ष बैंक में कार्यरत हैं। यानी ग्राहक नहीं है। सबसे बड़ी बात सामने वाला पक्ष ऋतु त्रिपाठी और ऋषि त्रिपाठी है। फिर इसे जातिवाद का एंगल क्यों दिया जा रहा है? हर मामले में क्लिप काटकर समाज में वैमनस्यता फैलाना बंद होना चाहिए। आस्था ने किसी को जातिगत गाली तो दी नहीं है? जाति का दंभ दिखाकर मारपीट भी नहीं किया? आपस में एक बहस थी जो अक्सर कार्यस्थल में होती रहती है। इसे क्लिप कट करके वायरल करना समाज में वैमनस्यता फैलाने जैसा है। आस्था सिंह अभी किसी भी जाति पर अभद्र टिप्पणी करतीं या जाति के आधार पर मारपीट करतीं तब विरोध समझ में भी आता। मामला पूरी तरह से आपसी बातचीत और दुर्व्यवहार का है। ये यहीं खत्म किया जाता है। Thank you for your attention! #satyamtiwari #shearchat
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