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#सत् भक्ति संदेश #Today_Thought.. ऊँचे कुल का जनमिया,करनी ऊँची न होय। स्वर्ण कलश सुरा भरा,साधू निंदा होय॥ 🌼🌼🌼 सतगुरू देव जी बताते हैं कि यदि आप ऊँचे कुल में जन्म लेकर भी अच्छे कर्म नहीं करते,तो यह स्थिति ठीक वैसे ही निंदनीय हैं जैसे सोने के कलश में शराब भरी हो। और करने योग्य कर्तव्य कर्म कौन सा हैं और ना करने लायक, निंदा के पात्र बनाने वाले ओछे कर्म कौन का हैं,इसका निर्णय या हमारे पवित्र शास्त्र करते हैं या इन शास्त्र के मर्म को भलीभांति समझने वे तत्वदर्शी सन्त । देव दूर्लभ अपने अनमोल मानव जीवन के सहीं कर्तव्य कर्म को जानने के लिए सपरिवार देखिए साधना टीवी चैनल सायं 07:30 pm.
सत् भक्ति संदेश - सत मावत মইহা  कबीर, हरि के नाम बिन, रषभ होय | राजा मिट्टी लदे कुम्हार के, घास न नीरै कोए। भगवान की भक्ति न करने से राजा गधे का शरीर प्राप्त करता है। कुम्हार के घर पर मिह्ी ढ़ोता है॰ घास स्वयं जंगल में खाकर आता है। जगतगुरू तत्वदर्शो संत रामपाल जी महाराज  SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL JI @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGOD ORG SAINT RAMPAL JI MAHARAJ सत मावत মইহা  कबीर, हरि के नाम बिन, रषभ होय | राजा मिट्टी लदे कुम्हार के, घास न नीरै कोए। भगवान की भक्ति न करने से राजा गधे का शरीर प्राप्त करता है। कुम्हार के घर पर मिह्ी ढ़ोता है॰ घास स्वयं जंगल में खाकर आता है। जगतगुरू तत्वदर्शो संत रामपाल जी महाराज  SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL JI @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGOD ORG SAINT RAMPAL JI MAHARAJ - ShareChat