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#पंडित जी की पाठशाला
पंडित जी की पाठशाला - रुकने के, लक्ष्मण के पास सब कारण थे ओर, फिर भी चले वन की क्योंकि कुछ रिश्ते तर्क से नही, कर्तव्य से निभाए जाते हैं, राम केवल भाई नहीं, लक्ष्मण का संसार , और परछाई कभी शरीर से सवाल नहीं करती कि कहाँ जाना है, सुख में भले ही हिस्सा न मांगो , लेकिन दुख में बिना बुलाए भागीदार बनना ही सच्चे रिश्ते की पहचान है, गणित केवल व्यापार में चलता है, प्रेम में तो बस साथ देखा जाता है, सुविधा नहीं , JMishra रुकने के, लक्ष्मण के पास सब कारण थे ओर, फिर भी चले वन की क्योंकि कुछ रिश्ते तर्क से नही, कर्तव्य से निभाए जाते हैं, राम केवल भाई नहीं, लक्ष्मण का संसार , और परछाई कभी शरीर से सवाल नहीं करती कि कहाँ जाना है, सुख में भले ही हिस्सा न मांगो , लेकिन दुख में बिना बुलाए भागीदार बनना ही सच्चे रिश्ते की पहचान है, गणित केवल व्यापार में चलता है, प्रेम में तो बस साथ देखा जाता है, सुविधा नहीं , JMishra - ShareChat