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प्रेम,.. तब तलक प्रेम है जब तलक रहता है अनकहा,अनछुआ जिस रोज़ बयां हो जाता है शब्दों में आ जाता है दिल से जुबां तक खो बैठता है स्वरूप अपना.. #प्रेम स्वास है, धड़कन है,अहसास है जो स्वयं समाहित है प्राण बनकर प्रेम को पाने के लिये प्रेम में होना ही पर्याप्त है..! #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #😘बस तुम और मैं #सिर्फ तुम #💓 मोहब्बत दिल से #🌙 गुड नाईट
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