26 जनवरी के भाषण में बाबासाहेब का नाम क्यों नहीं लिया गया?
क्योंकि डर बाबासाहेब से नहीं है—
डर उनकी विचारधारा से है!
जिस संविधान ने इस देश के आख़िरी इंसान को भी हक़, सम्मान और बराबरी दी,उसके शिल्पकार डॉ. भीमराव अंबेडकर का नाम लेना आज भी कुछ लोगों को चुभता है।
क्योंकि बाबासाहेब की विचारधारा मनुवाद की जड़ों पर चोट करती है—
बराबरी सिखाती है, सवाल करना सिखाती है,और झुकना नहीं बल्कि लड़ना सिखाती है।
#☸️जय भीम #🙏 डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर #💙जय भीम-गाथा महामानवाची 🤍 #वंचित बहुजन आघाडी #बाळासाहेब आंबेडकर कट्टर समर्थक


