508 वर्ष पहले परमेश्वर कबीर साहेब जी ने एक ऐसी लीला की जो इतिहास बन गई और इस तरह की लीला परमात्मा स्वयं ही करते हैं।
कबीर साहेब जी 120 वर्ष की आयु में मगहर में शरीर त्यागने की बात कह कर लाखों लोगों समेत मगहर गए और सफेद चादर ओढ़कर लेट गए।
तभी आकाशवाणी करते हैं -
"उठा लो पर्दा, नहीं है मुर्दा।"
और हुआ भी वैसा ही चादर उठाने पर, शरीर के स्थान पर सुगंधित फूल मिले। और कबीर परमात्मा सशरीर अपने सतलोक गए। ##KabirNivanDiwas #🙏गुरु महिमा😇 #🌸 सत्य वचन #🙏कर्म क्या है❓ #🙏🏻आध्यात्मिकता😇


