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#मेरी डायरी #दिल के अल्फ़ाज़
मेरी डायरी - अपनी नंज़िल अस दिश पर हनें ही সহল্কহ ? निजती है। जोश के साथ टोश ज़रूरी शराब से टोश चला जाता टै। और फिर होते टैं धात् अपधात् | धर में | गलियों नें। रड़कों पर। दर डोगह जहाँ बेहोशी दो। 31 देखिए नसीब 0709^ अपनी नंज़िल अस दिश पर हनें ही সহল্কহ ? निजती है। जोश के साथ टोश ज़रूरी शराब से टोश चला जाता टै। और फिर होते टैं धात् अपधात् | धर में | गलियों नें। रड़कों पर। दर डोगह जहाँ बेहोशी दो। 31 देखिए नसीब 0709^ - ShareChat