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#✍️ अनसुनी शायरी #🎤 महफिल ए शायरी #एक रचना रोज ...✍︎✍︎ #✍️ साहित्य एवं शायरी #💚 लाइफ़ की शायरी
✍️ अनसुनी शायरी - !!..मैं बिमारे मोहब्बत हूं जरूरत नहीं हकीर्मों की मुझे आरजू रही हमेशा तेरी मुझे ख्वाहिश नहीं हसीनों की ..!! मुझे खामोशियां बहुत कुछ 8 कहती !!..मैं बिमारे मोहब्बत हूं जरूरत नहीं हकीर्मों की मुझे आरजू रही हमेशा तेरी मुझे ख्वाहिश नहीं हसीनों की ..!! मुझे खामोशियां बहुत कुछ 8 कहती - ShareChat