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तुम हुए विपरीत जबसे जग हुआ विपरीत तब से दिन कहां दिन से रहे अब रात भी कब रात सी है ये व्यथा हिमपात सी है श्री शंखधर #👍स्पेशल शायरी🖋 #😞बेवफा शायरी #💞Heart touching शायरी✍️ #✍️ साहित्य एवं शायरी #apna Lmp