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#✍️ साहित्य एवं शायरी
✍️ साहित्य एवं शायरी - लेकिन तुम्महारे , तुम्माहारे बिन कहाँ थी हमारी, हसरते नजरों में कहाँ थे हम, तुमसे जरा सी नजर हमने हटा ली, लोग कहते है, हम बेवफा हो गये, shashi | लेकिन तुम्महारे , तुम्माहारे बिन कहाँ थी हमारी, हसरते नजरों में कहाँ थे हम, तुमसे जरा सी नजर हमने हटा ली, लोग कहते है, हम बेवफा हो गये, shashi | - ShareChat