ShareChat
click to see wallet page
search
#❤️जीवन की सीख #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #Savitribai fule ko s*** s*** Naman.
❤️जीवन की सीख - নিয়া को पढने नहीं जाता எீ3i ೩ जब (०३ जनवरी १८३१ - १० मार्च १८९७) राष्ट्र माता सावित्री बाई फुले महिला शिक्षिका भारत की पहली १९ वीशताब्दी में बेटियों के लिए जिसने बालिका विद्यालय खोले, उस महान महिला को भारत की महिलाएं ही नहीं जानती। जब महिलाओं को पढने नहीं दिया जाता था॰ नहिलाएं केवल और केवल गुलाम थी, सिर्फ भोग विलास की वस्तु समझा जाता था  उस समय में ऐसा महान कार्य  किया जिसके कारण आज हमारी बेटियां IAS IPS, डॉक्टर , इन्जीनियर ,प्रधानमंत्री, वैज्ञानिक , तक बन रही हे। मुख्यमन्त्री : राष्ट्रपति  भारत की महान नारी को शत शत नमन নিয়া को पढने नहीं जाता எீ3i ೩ जब (०३ जनवरी १८३१ - १० मार्च १८९७) राष्ट्र माता सावित्री बाई फुले महिला शिक्षिका भारत की पहली १९ वीशताब्दी में बेटियों के लिए जिसने बालिका विद्यालय खोले, उस महान महिला को भारत की महिलाएं ही नहीं जानती। जब महिलाओं को पढने नहीं दिया जाता था॰ नहिलाएं केवल और केवल गुलाम थी, सिर्फ भोग विलास की वस्तु समझा जाता था  उस समय में ऐसा महान कार्य  किया जिसके कारण आज हमारी बेटियां IAS IPS, डॉक्टर , इन्जीनियर ,प्रधानमंत्री, वैज्ञानिक , तक बन रही हे। मुख्यमन्त्री : राष्ट्रपति  भारत की महान नारी को शत शत नमन - ShareChat