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#वृन्दावन धाम 🙏 #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🔱हर हर महादेव #🙏 जय हनुमान #🌺 श्री गणेश
वृन्दावन धाम 🙏 - जो अकड़ता है, वक्त उसे रगड़ता है। जिससे बने उससे बनाकर रखो , ना बने उससे भले ना बने पर अकड़ अहंकार , शोबाज़ी क्यों। जिस प्रकार एक वृक्ष की सुंदरता , फूल और पत्तों पर निर्भर करती है, ठीक उसी प्रकार मानव की सुन्दरता , उसके विचार ब व्यवहार पर निर्भर करती है। यदि मन शुद्ध है, तो जीवन के तालाब में कभी कीचड़ का झरना जमा नहीं होगा। मन को शुद्ध रखने के आसान उपाय सेवा , सिमरन, सत्संग | 29 29 जो अकड़ता है, वक्त उसे रगड़ता है। जिससे बने उससे बनाकर रखो , ना बने उससे भले ना बने पर अकड़ अहंकार , शोबाज़ी क्यों। जिस प्रकार एक वृक्ष की सुंदरता , फूल और पत्तों पर निर्भर करती है, ठीक उसी प्रकार मानव की सुन्दरता , उसके विचार ब व्यवहार पर निर्भर करती है। यदि मन शुद्ध है, तो जीवन के तालाब में कभी कीचड़ का झरना जमा नहीं होगा। मन को शुद्ध रखने के आसान उपाय सेवा , सिमरन, सत्संग | 29 29 - ShareChat