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#✍️ अनसुनी शायरी #✍️ साहित्य एवं शायरी
✍️ अनसुनी शायरी - लौट कर फिर से आए हो ? নুম লী বল ঠাযে থ লা! हाल फिर से पूछा है ? पर हम तो बिछड गए थे ना ! सांवली रंगत हुई है कैसे ? ये निखर गए थे ना ! तुम तो मेरे हो॰ ये कहते हो॰. ? a पर तुम तो मुकर गए थे ना! নযা কাযনা পচনান কা? 80 हम तो बिखर गए थे ना ! लौट कर फिर से आए हो ? নুম লী বল ঠাযে থ লা! हाल फिर से पूछा है ? पर हम तो बिछड गए थे ना ! सांवली रंगत हुई है कैसे ? ये निखर गए थे ना ! तुम तो मेरे हो॰ ये कहते हो॰. ? a पर तुम तो मुकर गए थे ना! নযা কাযনা পচনান কা? 80 हम तो बिखर गए थे ना ! - ShareChat