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#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 #💔पुराना प्यार 💔 #👍स्पेशल शायरी🖋 #💔दर्द भरी कहानियां #🎙️मशहूर शायरों की शायरी✍️
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - हम बूरे नहीं थे बूरा कह दिया 777 मगर अब हम बूरे बन गए हैं ٦ ताकि तुम्हें कोई झूठा ना कह दे Zindagi Gulzar H हम बूरे नहीं थे बूरा कह दिया 777 मगर अब हम बूरे बन गए हैं ٦ ताकि तुम्हें कोई झूठा ना कह दे Zindagi Gulzar H - ShareChat