ShareChat
click to see wallet page
search
#मेरी डायरी मेरे अल्फाज✍️✍️ #बिल्कुल 100% सही बात है #📖 कविता और कोट्स✒️
मेरी डायरी मेरे अल्फाज✍️✍️ - के पास मायका नहीं पुरुषों होता, ना कोई ऐसा आँगन सकें, वे निःसंकोच लौट जहाँ जहाँ कोई माथा चूमकर থ্রীভা ಖಾ Tಢ ೯ ಫ೯ 7, 07 आराम कर लो, वे चलते हैं, निरंतर, एक पुत्र, रहते एक पति, एक पिता बनकर, अपने कंधों पर जिम्मेदारियों fq, ls पर कभी खुद का के लिए ठहर नहीं पाते। के पास मायका नहीं पुरुषों होता, ना कोई ऐसा आँगन सकें, वे निःसंकोच लौट जहाँ जहाँ कोई माथा चूमकर থ্রীভা ಖಾ Tಢ ೯ ಫ೯ 7, 07 आराम कर लो, वे चलते हैं, निरंतर, एक पुत्र, रहते एक पति, एक पिता बनकर, अपने कंधों पर जिम्मेदारियों fq, ls पर कभी खुद का के लिए ठहर नहीं पाते। - ShareChat