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News Today - शुल्क घटने से मई में गिरावट देखने को मिलेगी आयात संभावना : जल्दसस्ता होसकता हैखाद्यतेल कीमतों पर दबाव घटेगा  5 নিল্লী;  एजेंसी | आम उपभोक्ताओंको राहतदेनेकेलिए केंद्र उद्योग संगठन सॉल्वेंट एक्सट्रेक्टर्स  सरकार ने खाद्य तेलों पर आयात शुल्क एसोसिएशन ऑफ इंडिया  सरकार मेंबडी कटौती कीहै।सरकारकेफैसले के इस फेसले का स्वागत किया हे। के बाद ३१ मई से बाजार में खाद्य तेल संगठन का कहना है कि इससे घरेलू की कोमतों में गिरावट देखने को मिल बाजार में कीमर्तों पर दबाव कम होगा सकती है।  और मांग में सुधार आएगा | भारत अपनी खाद्य तेल जरूरतों का बडा  इस कदम का सीधा असर तेल को हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता बोतलों पर छपे अधिकतम खुदरा मूल्य  20 फीसदीकी दरसेकच्चे हे, इसलिए अंतरराष्ट्रीय कीमतों एमआरपी ) पर पड़ेगा और कंपनियां पॉम ऑयल सूरजमुखी, ओर आयात शुल्क का सीधा असर  जल्दही नएदामों केसाथउत्पादबाजार सोयाबीनपरशुल्कहै घरेलू बाजार पर पडता है। हालांकि  में उतारेंगी | कृषि विशेषज्ञों ने चिंता जताई हे फीसदी करदियाहै 10 60 खबरों के सरकार ने कच्चे पामखतबलं क ञ्चनु सारयस्बराीका तेले औरे  कि आयात शुल्क में कमी से घरेलू सरकार नेइन तेलोंपर तिलहन किसानों को प्रतिर्पर्धा का कच्चे सूरजमुखी तेलपर बेसिककस्टम आयात शुल्क घटाकर सामना करना पड सकता ह घटा दो है। अब तक कच्चे पाम ಕ್ಕಾ ग्राहकों को लाभ  ऑयल, सोयाबीन और सूरजमुखी तेल आयात को लागत कम हो जाएगी के पहुंचाने  निर्देश दिए : सरकार ने तेल उद्योग से जिससे रिफाइनरी कंपनियों को सस्ता  पर २०% आयात शुल्क वसूला जा रहा  था, जिसे अब सरकार ने घटाकर सीधा  स्पष्ट कहा है कि आयात शुल्क में दी कच्च।ा माल मिलेगा | १०% कर दिया है। गई राहतका लाभ ग्राहकों तक पहुंचना माना जा रहा है कि इसका फायदा  चंकि भारत अपनी खाद्य तेलों को सीधे उपभोक्ताओं बाजार विशेषज्ञों का कहना है पहुंचाया  चाहिए तक कि अगले कुछ हफ्तों में खुदरा बाजार  जरूरत का लगभग ७०% हिस्सा दूसरे  314= f भारत जाएगा | मलेशिया और इंडोनेशिया जैसे देशों पर  देशों सेखरीदकर पूरा करता है इसलिए मेंकोमतां मेंपांचसे १० रुपयेप्रतिलोटर टैक्स में हुई यह १०% को कटौती सोधे  निर्भर है, जबकि सूरजमुखी तेल यूक्रेन " तककोकमी देखनेको मिलसकती है॰  गिरावट  तौर पर घरेलू बाजार में तेल को बोतलों और रूसजैसे देशोंसे आता है।सितंबर हालांकि वास्तविक ब्रांड और  और पैकेटों के दाम नोचे ले आएगो। २०२४ में जब सरकार ने टैक्स बढ़ाया  क्षेत्र के अनुसार ಭr-ಭc सकती हे। शुल्क में कमी के बाद इन तेलों के था, तब खाद्य तेल के दाम बढ़ गए थे।  शुल्क घटने से मई में गिरावट देखने को मिलेगी आयात संभावना : जल्दसस्ता होसकता हैखाद्यतेल कीमतों पर दबाव घटेगा  5 নিল্লী;  एजेंसी | आम उपभोक्ताओंको राहतदेनेकेलिए केंद्र उद्योग संगठन सॉल्वेंट एक्सट्रेक्टर्स  सरकार ने खाद्य तेलों पर आयात शुल्क एसोसिएशन ऑफ इंडिया  सरकार मेंबडी कटौती कीहै।सरकारकेफैसले के इस फेसले का स्वागत किया हे। के बाद ३१ मई से बाजार में खाद्य तेल संगठन का कहना है कि इससे घरेलू की कोमतों में गिरावट देखने को मिल बाजार में कीमर्तों पर दबाव कम होगा सकती है।  और मांग में सुधार आएगा | भारत अपनी खाद्य तेल जरूरतों का बडा  इस कदम का सीधा असर तेल को हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता बोतलों पर छपे अधिकतम खुदरा मूल्य  20 फीसदीकी दरसेकच्चे हे, इसलिए अंतरराष्ट्रीय कीमतों एमआरपी ) पर पड़ेगा और कंपनियां पॉम ऑयल सूरजमुखी, ओर आयात शुल्क का सीधा असर  जल्दही नएदामों केसाथउत्पादबाजार सोयाबीनपरशुल्कहै घरेलू बाजार पर पडता है। हालांकि  में उतारेंगी | कृषि विशेषज्ञों ने चिंता जताई हे फीसदी करदियाहै 10 60 खबरों के सरकार ने कच्चे पामखतबलं क ञ्चनु सारयस्बराीका तेले औरे  कि आयात शुल्क में कमी से घरेलू सरकार नेइन तेलोंपर तिलहन किसानों को प्रतिर्पर्धा का कच्चे सूरजमुखी तेलपर बेसिककस्टम आयात शुल्क घटाकर सामना करना पड सकता ह घटा दो है। अब तक कच्चे पाम ಕ್ಕಾ ग्राहकों को लाभ  ऑयल, सोयाबीन और सूरजमुखी तेल आयात को लागत कम हो जाएगी के पहुंचाने  निर्देश दिए : सरकार ने तेल उद्योग से जिससे रिफाइनरी कंपनियों को सस्ता  पर २०% आयात शुल्क वसूला जा रहा  था, जिसे अब सरकार ने घटाकर सीधा  स्पष्ट कहा है कि आयात शुल्क में दी कच्च।ा माल मिलेगा | १०% कर दिया है। गई राहतका लाभ ग्राहकों तक पहुंचना माना जा रहा है कि इसका फायदा  चंकि भारत अपनी खाद्य तेलों को सीधे उपभोक्ताओं बाजार विशेषज्ञों का कहना है पहुंचाया  चाहिए तक कि अगले कुछ हफ्तों में खुदरा बाजार  जरूरत का लगभग ७०% हिस्सा दूसरे  314= f भारत जाएगा | मलेशिया और इंडोनेशिया जैसे देशों पर  देशों सेखरीदकर पूरा करता है इसलिए मेंकोमतां मेंपांचसे १० रुपयेप्रतिलोटर टैक्स में हुई यह १०% को कटौती सोधे  निर्भर है, जबकि सूरजमुखी तेल यूक्रेन " तककोकमी देखनेको मिलसकती है॰  गिरावट  तौर पर घरेलू बाजार में तेल को बोतलों और रूसजैसे देशोंसे आता है।सितंबर हालांकि वास्तविक ब्रांड और  और पैकेटों के दाम नोचे ले आएगो। २०२४ में जब सरकार ने टैक्स बढ़ाया  क्षेत्र के अनुसार ಭr-ಭc सकती हे। शुल्क में कमी के बाद इन तेलों के था, तब खाद्य तेल के दाम बढ़ गए थे। - ShareChat