🚩 *~ वैदिक पंचांग ~* 🚩
🌤️ *दिनांक - 08 फरवरी 2026*
🌤️ *दिन - रविवार*
🌤️ *श्रीश्वेतवाराहमहाकल्पे वैवस्वतमन्वन्तरे अष्टाविंशतितमे कलियुगे कलिप्रथमचणे बौद्धावतारे श्रीवीरवक्रमादित्यस्य द्व्यशीत्यधिक-द्विसहस्रतमे संवत्सरे श्रीविष्णोराज्ञया प्रवर्तमाने कालयुक्त-सिद्धार्थि-नाम्नि संवत्सरे (विक्रम संवत् 2082)*
🌤️ *शक संवत् -1947*
🌤️ *अयन - उत्तरायण*
🌤️ *ऋतु - शिशिर*
🌤️ *मास - फाल्गुन ( गुजरात- महाराष्ट्र -माघ )*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - सप्तमी 09 फरवरी प्रातः 05:01 तक तत्पश्चात अष्टमी*
🌤️ *नक्षत्र - स्वाती 09 फरवरी प्रातः 05:02 तक तत्पश्चात् विशाखा*
🌤️ *योग - गण्ड रात्रि 12:08 तक तत्पश्चात् वृद्धि*
🌤️ *राहुकाल - शाम 05:08 से शाम 06:33 तक*
🌤️ *सूर्योदय - 07:14*
🌤️ *सूर्यास्त - 06:31*
👉 *दिशाशूल - पश्चिम दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण- रविवारी सप्तमी (सूर्योदय से 09 फरवरी प्रातः 05:01 तक)*
💥 *विशेष - सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है तथा शरीर का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
*💥 रविवार के दिन स्त्री- सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
💥 *रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)*
💥 *रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75)*
💥 *स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं।*
🚩~*वैदिक पंचांग* ~🚩
🌷 *सिर में जूँ एवं लीख* 🌷
1⃣ *पहला प्रयोगः निबौली, सरसों कि तेल लगाने से अथवा अरीठे का फेन लगाने से जूँ और लीखें मर जाती हैं।*
2⃣ *दूसरा प्रयोगः तुलसी के पत्ते पीसकर सिर पर लगा लें। तदुपरांत सिर पर कपड़ा बाँध लें। सारी जुएँ मरकर कपड़े से चिपक जाएँगी। दो-तीन बार लगाने से ही सारी जुएँ साफ हो जायेंगी।*
🚩 *~ वैदिक पंचांग ~* 🚩
🌷 *लक्ष्मी की चाह रखने वाले किनसे बचें* 🌷
🙏🏻 *भगवान श्रीहरि कहते हैं : “जो अशुद्ध हृदय वाला, क्रूर, हिंसक, दूसरों की निंदा करनेवाला होता है, उसके घर से भगवती लक्ष्मी चली जाती हैं |*
👉🏻 *जो नखों से निष्प्रयोजन तिनका तोड़ता है अथवा नखों से भूमि को कुरेदता रहता है उसके घर से मेरी प्रिय लक्ष्मी चली जाती हैं |*
🌞 *जो सूर्योदय के समय भोजन, दिन में शयन तथा दिन में मैथुन करता है उसके यहाँ से मेरी प्रिया लक्ष्मी चली जाती हैं |” (श्रीमद् देवी भागवत )*
🚩 *~ वैदिक पंचांग ~* 🚩
🌷 *मृत्यु के समय* 🌷
🐄 *मरते समय भी गौ के गोबर का लेप करके उस पर शव को रखिए .. उसकी सद्गति होगी | मुमूर्षु के मुँह में तुलसी के पत्ते रखो | गाय के गोबर के कंडे का धुआं करो तो उसके बैक्टेरिया दूसरे को नहीं सताएँगे |*
📖 *वैदिक पंचांग संपादक ~ अंजनी नीलेश ठक्कर*
📒 *वैदिक पंचांग प्रकाशन स्थल ~ सूरत शहर (गुजरात)*
🚩 *~ वैदिक पंचांग ~* 🚩
🙏🏻🌷🌻🌹🍀🌺🌸🍁💐🙏🏻 #☝अनमोल ज्ञान #🙏सुविचार📿 #🌸 सत्य वचन #🙏 प्रेरणादायक विचार #❤️जीवन की सीख


