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ज़ज्बात को किसी के तमाशा न समझिए पानी न हो तो सबको प्यासा न समझिए इंसान हो इंसान की कदर करो ' महज़' दिल की लगी हर बात ज़रा सा न समिझए #👍📝 हिन्दी साहित्य 💐🌹 अधूरे अल्फाज 🌺 #📗प्रेरक पुस्तकें📘 #✍मेरे पसंदीदा लेखक #📚कविता-कहानी संग्रह #कविता
👍📝 हिन्दी साहित्य 💐🌹 अधूरे अल्फाज 🌺 - azadqazi1 Follow azadqazi1 Follow - ShareChat