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#हैप्पी गुरु रविदास जयंती
हैप्पी गुरु रविदास जयंती - रविदास जयंती पर सत्संग फर्रुखनगर, 1 फरवरी ( ब्यूरो ): फर्रुखनगर की जाटव चौपाल से सटे गुरू रविदास मंदिर प्रांगण में रविवार को गुरू रविदास जयंती पर सत्संग   एवं भंडारे का॰  आयोजन किया गया। जिसमें गणमान्य लोगों  ने गुरू रविदास की प्रतिमा पर विधिवत रूप से माल्यार्पण व अखंड संकीर्तन एंव আামাতন  ೯Tಫ भजन का गुरू रविदास मंदिर प्रांगण में उपस्थित गणमान्य लोग। क्षेत्रवासियों ने गुरू की महिमा का प्रयोग किया करते थे।इसके अलावा के प्रति सच्ची भक्ति किसी से गुणगान करते हुए उनके पद चिंहो  भगवान छिपी नहीं है। इस दौरान कमेटी की वह अपनी कविताओं में अवधि पर   चलने की ஈர = 37 उर्दू- फारसी , राजस्थानी, खड़ी बोलो तरफ से सभी का फूलमाला, पगडी  आशीर्वाद लिया। इस मौके पर नपा और  रेखता आदि का भी॰ ग्रयोग चेयरमैन बीरबल सैनी, पूर्व चेयरमैन  व दीवार घड़ी भेंटकर सम्मान किया किया करते थे। उनके चालीस पद ।इस मौके पर संत रविदास कमेटी  पार्षद गीता   देवी যমা T3ా प्रधान साहब में भी पवित्र धर्म ग्रंथ  गुरुग्रंथ  के अध्यक्ष जयकिशन मनोनीत पार्षद रामबीर यादव उपाध्यक्ष व सम्मिलित किए गए। कहा जाता है महेश, बालकिशन, पवन कुमार , पार्षद कृष्ण पंडित पातली ने कहा की गुरू  ஈ த भक्त मीराबाई भी उनकी सिंह,   श्रवण कपिल   यादव रविदास ने हमेशा ही भेदभाव को भगत शिष्य थी। कुमार, सुमत प्रसाद चिमन लाल दूर कर सामाजिक एकता का प्रचार कहा तो यह भी जाता है कि॰ सुंमत प्रसाद अशोक कुमार, बल्ले प्रसार किया। संत रविदास अपनी चित्तौड़ के राणा सांगा की पत्नी झाली  ठेकेदार, रोहतास होशियार दिनेश कविताओं के जरिए भी यही संदेश रानो बाई उनकी शिष्य थी। बीरबल दिया करते थे। वह अपनी कविताओं शिवचरण सिमार आदि के अलावा कि गुरु सैनी ने कहा নিনাস ক্ষী में जनसाधारण की ब्रजभाषा का काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।  रविदास जयंती पर सत्संग फर्रुखनगर, 1 फरवरी ( ब्यूरो ): फर्रुखनगर की जाटव चौपाल से सटे गुरू रविदास मंदिर प्रांगण में रविवार को गुरू रविदास जयंती पर सत्संग   एवं भंडारे का॰  आयोजन किया गया। जिसमें गणमान्य लोगों  ने गुरू रविदास की प्रतिमा पर विधिवत रूप से माल्यार्पण व अखंड संकीर्तन एंव আামাতন  ೯Tಫ भजन का गुरू रविदास मंदिर प्रांगण में उपस्थित गणमान्य लोग। क्षेत्रवासियों ने गुरू की महिमा का प्रयोग किया करते थे।इसके अलावा के प्रति सच्ची भक्ति किसी से गुणगान करते हुए उनके पद चिंहो  भगवान छिपी नहीं है। इस दौरान कमेटी की वह अपनी कविताओं में अवधि पर   चलने की ஈர = 37 उर्दू- फारसी , राजस्थानी, खड़ी बोलो तरफ से सभी का फूलमाला, पगडी  आशीर्वाद लिया। इस मौके पर नपा और  रेखता आदि का भी॰ ग्रयोग चेयरमैन बीरबल सैनी, पूर्व चेयरमैन  व दीवार घड़ी भेंटकर सम्मान किया किया करते थे। उनके चालीस पद ।इस मौके पर संत रविदास कमेटी  पार्षद गीता   देवी যমা T3ా प्रधान साहब में भी पवित्र धर्म ग्रंथ  गुरुग्रंथ  के अध्यक्ष जयकिशन मनोनीत पार्षद रामबीर यादव उपाध्यक्ष व सम्मिलित किए गए। कहा जाता है महेश, बालकिशन, पवन कुमार , पार्षद कृष्ण पंडित पातली ने कहा की गुरू  ஈ த भक्त मीराबाई भी उनकी सिंह,   श्रवण कपिल   यादव रविदास ने हमेशा ही भेदभाव को भगत शिष्य थी। कुमार, सुमत प्रसाद चिमन लाल दूर कर सामाजिक एकता का प्रचार कहा तो यह भी जाता है कि॰ सुंमत प्रसाद अशोक कुमार, बल्ले प्रसार किया। संत रविदास अपनी चित्तौड़ के राणा सांगा की पत्नी झाली  ठेकेदार, रोहतास होशियार दिनेश कविताओं के जरिए भी यही संदेश रानो बाई उनकी शिष्य थी। बीरबल दिया करते थे। वह अपनी कविताओं शिवचरण सिमार आदि के अलावा कि गुरु सैनी ने कहा নিনাস ক্ষী में जनसाधारण की ब्रजभाषा का काफी संख्या में लोग मौजूद रहे। - ShareChat