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#✍गुलजारांचे साहित्य
✍गुलजारांचे साहित्य - ह 7 आसूं भी हमसे पूछ आज बैठे तुम बार बार क्यूं मुझे गिराते हो, मैने कहा हम याद किसी और को करते है और चले तुम आते हो .! ह 7 आसूं भी हमसे पूछ आज बैठे तुम बार बार क्यूं मुझे गिराते हो, मैने कहा हम याद किसी और को करते है और चले तुम आते हो .! - ShareChat